प्राचार्य का Review (समीक्षा करना)

मैं (डॉ. छाया पाठक) इस महाविद्यालय में प्राचार्य पद पर कार्यरत हूँ।  यह महविद्यालय ग्रामीण अंचल की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से माननीय स्व० डॉ० विभूतीनारायण सिंह जी द्वारा (काशी नरेश) सन 1994 में स्थापित किया गया था। स्थापना के समय पुरे पिण्डरा क्षेत्र में यह एक मात्र महिला- महाविद्यालय था। दूर गांव से बालिकाएं यहाँ शिक्षा ग्रहण करने आती थीं और आज भी शिक्षा प्राप्त करने की यह प्रक्रिया जारी है। इस महाविद्यालय की छात्राएं सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों में कार्य करते हुए सम्पन्नता पूर्वक अपना जीवन- यापन कर रही हैं। शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह महाविद्यालय दिन-प्रतिदिन प्रगति करता हुआ निरंतर आगे की ओर  बढ़ रहा है। मैं अपने को सौभाग्यशाली समझती हूँ, जो इस संस्था में कार्य करने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ है।

Dr. Chhaya Pathak

Principal

Maharani Gulab Kuwari Mahila Snatkottar Mahavidyalaya, Pindra, Varanasi

अध्यापिका की समीक्षा

मैं डॉ० विजया मिश्रा महाविद्यालय में विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित हिंदी विषय में प्रवक्ता पद पर कार्यरत हूँ। इस महाविद्यालय में अध्ययन करने वाली सभी छात्राएं महाविद्यालय का नियम एवं अनुशासन का पालन  करते हुए शिक्षा ग्रहण करती हैं। महाविद्यालय में होने वाली सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा  लेती हैं और अच्छे अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण होती हैं। हमारे द्वारा पढ़ाई गयी कई छात्राएं आज के तारीख में विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए समाज में एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त कीं। यह महाविद्यालय छात्राओं को सिर्फ शिक्षा ही नहीं प्रदान करता अपितु शिक्षणोपरान्त जीवकोपार्जन करने के लिए आत्मनिर्भर भी बनाता है। मैं अपना सौभाग्य समझती हूँ कि मैं इस संस्था में अध्यापन कार्य करके छात्राओं का ज्ञानवर्धन कर पा रही हूँ।

Dr. Vijaya Mishra

MGKMM, Pindra, Varanasi

Student View

मैं दीप्ती विश्वकर्मा इस महाविद्यालय में बी० ए० प्रथम वर्ष में प्रवेश ले रही हूँ। यहाँ पढ़ाई अच्छी होती है ऐसा मेरी दीदी (सुनीता विश्वकर्मा ) जो यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर चुकी है, उन्होंने इस महाविद्यालय की प्रशंसा कर बोला है कि महाविद्यालय शिक्षा प्राप्त करने योग्य है।

मैं निशा पटेल इस महाविद्यालय में बी० ए० प्रथम वर्ष में प्रवेश ले रही हूँ। यह महाविद्यालय शिक्षा के साथ अनुशासन एवं व्यवस्था से युक्त है। यहाँ पर मुझे अपनी बड़ी बहनों द्वारा यह ज्ञात हुआ है कि यहाँ एक निश्चित समय पर कॉलेज का गेट खुलता है, एवं छुट्टी उपरान्त ही गेट खुलता है। इस महाविद्यालय में उत्तम शिक्षा व्यवस्था प्रदान की जाती है।